Wednesday, 3 August 2011

इमांन

न हिला न डुला
वो बस पड़ा रहा
जब जरुरत थी न जगा
ख़ामोशी से खड़ा रहा

मेरा इमांन रो पड़ा
जब एक फुल मुर्जा गया
और मेरा देश आज
उस मुक्काम पे है
         जंहा

कसाईओ के तबेले है
सय्यादो के चमन .......

     राहुल शाह
( નવો નિશાળીયો  )

http://navonishaliyo.blogspot.com

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