भारत का भावी लिख डाला
उन फिरंगियों के चंगुल से
ली चाबी खोल दिया ताला
वो लम्बे चौड़े गोरे थे
और बुना हुआ था जाला
वो छोटी छोटी झाँसी थी
और बांका भगत मतवाला
वो सुभाष था जिसने संभाला
हिंद फ़ौज का भाला
वो गाँधी थे जिसने खोली थी
शांति की पाठशाला
वोअनगिनत थे हमारे पूर्वज
जिन्होंने अंग्रेजो को खदेड़ डाला
याद करो उन की कुर्बानियों को
जिसने भविष्य था संभाला
और कूद पड़ो अन्ना की लड़त में
जिसने दिया है नया नारा
भ्रष्टाचार भगाओ भारत से
करो भ्रष्टों का मुंह काला
नवो निशालीयो
( राहुल शाह )
http://navonishaliyo.blogspot.com

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