भीड़ में साथ भले हो लाखों
मोड़ पर अकेला होता है आदमी
घेर लो खुद को कितने ही रिश्तोंसे
रुखसत अकेले ही लेता है आदमी
चाहतों की बुलंदिया छुलो मगर
यादों के सन्नाटे में अकेला होता है आदमी
भर लो हर साँस में उसकी खुशबु को
धुंध के धुए में अकेला होता है आदमी
फ़रिश्ते भी जब लेने आएंगे तुम्हे
छोड़ेंगे वंहा जंहा अकेला होता है आदमी
खुदी से कर, कर गहेरी दोस्ती इतनी
अकेला न रहे. जंहा अकेला होता है आदमी
રાહુલ શાહ
मोड़ पर अकेला होता है आदमी
घेर लो खुद को कितने ही रिश्तोंसे
रुखसत अकेले ही लेता है आदमी
चाहतों की बुलंदिया छुलो मगर
यादों के सन्नाटे में अकेला होता है आदमी
भर लो हर साँस में उसकी खुशबु को
धुंध के धुए में अकेला होता है आदमी
फ़रिश्ते भी जब लेने आएंगे तुम्हे
छोड़ेंगे वंहा जंहा अकेला होता है आदमी
खुदी से कर, कर गहेरी दोस्ती इतनी
अकेला न रहे. जंहा अकेला होता है आदमी
રાહુલ શાહ
( નવો નિશાળીયો )
http://navonishaliyo.blogspot.com
navonishaliyo great dude !!! Its a truth of life.
ReplyDeletenavonishaliyo great dude !!! Its a truth of life.
ReplyDeleteThank you Very Much.
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